Informal Letter Format In Hindi 2022 - अनौपचारिक पत्र कैसे लिखा जाता है?

Informal Letter Format In Hindi 2022 – अनौपचारिक पत्र कैसे लिखा जाता है?

दोस्तों, अगर आप अपने निकट और प्रिय लोगों को पत्र के माध्यम से संदेश भेजना चाहते है तो उसके लिए Informal Letter Format यानि अनौपचारिक पत्र फॉर्मेट (Anopcharik Patra Format) की जरुरत होती है। अनौपचारिक पत्र In English या हिंदी में लिख सकते है। आजकी लेख में आपको Informal Letter Format In Hindi यानि Anopcharik Patra Format In Hindi के बारे में अच्छे से जानकारी दिया गया है।

अगर आपको नहीं पता है कि अनौपचारिक पत्र किसको लिखा जाता है और Informal Letter Writing In Hindi Format में कैसे लिखते है तो इस लेख को पढ़ सकते है।

Informal Letter Format In Hindi 2022 - अनौपचारिक पत्र कैसे लिखा जाता है

आपको लोगों को पता दू कि कुछ वर्षों पहले Aupcharik Patra और Anaupcharik Patra Lekhan का बहुत ही महत्त्व हुआ करता था। सैनिक बॉर्डर से अपने परिवार को पत्र भेजता था, जो लोग अपने को घर से दूर रहते थे, वे पत्र के माध्यम से महीने में बातचीत करते थे, दीपावली या अन्य त्योहारों की बधाई लोग पत्रों के द्वारा दिया करते थे। लेकिन धीरे-धीरे अनौपचारिक पत्रों का महत्व समाप्त होता जा रहा है और इन महत्व आज इंटरनेट और सोशल मीडिया ने ले लिया है।

प्राचीन काल से मध्यकाल तक अनौपचारिक पत्र ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। आज अनौपचारिक पत्र लेखन का प्रयोग हम हिंदी व्याकरण में करते हैं। अगर आप कक्षा नवी और दसवीं के विद्यार्थी हेतु हिंदी व्याकरण में आपसे अनौपचारिक पत्र लेखन के बारे में जरूर पूछा जाएगा।

इसलिए, आज इस आर्टिकल में Informal Letter Format In Hindi के साथ आपको अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे? साथ-साथ अनौपचारिक पत्र महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

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Informal Letter क्या होता है?

जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखता है और अपनी जानकारी प्रदान करता है तो ऐसे पत्रों को अनौपचारिक पत्र कहा जाता है। अनौपचारिक पत्र दोस्तों और रिश्तेदारों को अनौपचारिक पत्र लिखे जाते हैं। अनौपचारिक पत्र लिखने का उद्देश्य शिकायत या पूछताछ करना नहीं है, और स्वर भी आकस्मिक है।

अनौपचारिक पत्र की एक श्रेणी है जिसमें ऐसे पत्र शामिल हैं जो निकट और प्रिय लोगों को लिखे गए हैं, मूल रूप से रिश्तेदार और दोस्त इस तरह के पत्र में आते हैं।

पत्र को दो भागों में बांटा गया है

  • अनौपचारिक पत्र और
  • औपचारिक पत्र।

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अनौपचारिक पत्र और औपचारिक पत्र में अंतर –

अनौपचारिक पत्र को व्यक्तिगत या पारिवारिक पत्रों में शामिल किया जाता है।

अनौपचारिक पत्र में प्रार्थना पत्र, आवेदन पत्र, तथा राजकीय और शासकीय पत्र को शामिल किया जाता है। अनौपचारिक पत्र में आप अपने बारे में व्यक्तिगत रूप से जानकारी दे सकते है।

वही पर औपचारिक पत्र में शिष्टाचार भाषा का प्रयोग करना पड़ता। पिछली लेख में Formal Letter Writing In Hindi के ऊपर अच्छे से चर्चा की है आप चाहे तो उस लेख को पढ़ सकते है।

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अनौपचारिक पत्र किसको लिखा जाता है?

अनौपचारिक पत्र आप अपने माता पिता, भाई बहन, बुआ फूफा जी, नाना नानी,दादा दादी, बेटा बेटी, मित्रों को लिख सकते है।

पहले से राजा अन्य राजाओं से अनौपचारिक पत्र के माध्यम से वार्तालाप किया करते थे। दीपावली होली त्योहारों आदि की बधाई देने के लिए अनौपचारिक पत्र का प्रयोग किया जाता था।

अगर आप अपने दोस्तों को हालचाल पूछने के लिए और हालचाल बताने के लिए कोई पत्र लिखते हैं तो उसे अनौपचारिक पत्र कहा जाता है।इसमें आप अपनी योग्यता के हिसाब से शिष्टाचार शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं।

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अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे?

अगर आप अनौपचारिक पत्र कक्षा 7, कक्षा 8, या फिर आप कक्षा नवी क्लास के छात्र हैं तो आपको अनौपचारिक पत्र देखना आना चाहिए।अनौपचारिक पत्र लिखते समय बहुत सी बातों का ध्यान देना बहुत जरूरी है। अनौपचारिक पत्र का एक फॉर्मेट होता है और उसी फॉर्मेट में अपने आप को पत्र लिखना होता है। उन सभी Format Of Anopcharik Patra में क्या-के सामिल करना पड़ता है नीचे पढ़े:

बाई ओर सबसे ऊपर पत्र लिखने वाले का पता

अनौपचारिक पत्र में बाई तरफ सबसे ऊपर पत्र लिखने का पता लिखा जाता है, अगर आप किसी परीक्षा में बैठे हैं तो आपको अपना पता नहीं लिखना है, आपको उस परीक्षा भवन का पता लिखना है जहां से आप परीक्षा दे रहे हैं। अगर आप अपने घर से व्यक्तिगत रूप से अपने दोस्तों को पत्र लिख रहे हैं तो आप अपना पता लिख सकते हैं।

उदाहरण के लिए आप, आपने विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर दिल्ली से परीक्षा दे रहे हैं तो आप नाम क, ख़,ग तथा पता सरस्वती शिशु मंदिर दिल्ली लिख सकते हैं।

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पत्र लिखने की दिनांक

अगर आपने नाम और पता लिख दिया है तो आप उसके बाद नीचे बाई तरफ ही पत्र लिखने की दिनांक 10.9.2021 लिख सकते हैं।

पत्र लिखने वाले के लिए संबोधन

औपचारिक पत्र चाहिए अनौपचारिक पत्र हो दोनों में संबोधन अपना बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आप अपने मित्र को पत्र लिख रहे हैं तो आप अपने मित्र के अनुसार संबोधन लिख सकते हैं। अगर आप अपने परिवार को पत्र लिख रहे हैं तो आप शिष्टाचार और पूज्य पिताश्री इस प्रकार लिख सकते हैं।

अंत में आपना नाम

पत्र के अंतिम चरण में आपको अपना नाम लिखना होता है लेकिन अगर आप परीक्षा भवन में है तो आपको अपना नाम नहीं बल्कि क, ख़,ग इस प्रकार लिखना होता है।

अनौपचारिक पत्र का फॉर्मेट (Anopcharik Patra Ka Format)

  • पता/ सरस्वती शिशु मंदिर दिल्ली
  • दिनांक/10.09.2021
  • पूज्य पिताश्री/ मेरे प्यारे मित्र/ प्रिय भाई/
  • नमस्कार/ आशा करता हूं कि आप स्वस्थ होंगे।
  • आपका प्यारा पुत्र/ पुत्री/ तुम्हारा प्रिय दोस्त शुभम।
  • धन्यवाद।

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Informal Letter Format In Hindi – अनौपचारिक पत्र फॉर्मेट कैसा होता है नीचे देखे?

अनौपचारिक पत्र कक्षा 8 (Informal Letter In Hindi For Class 8)

विषय -आपने अपना जन्मदिन भारतीय पद्धति के अनुसार बनाया इस संबंध में अपने मित्र को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन

———— विद्यालय

———— दिल्ली।

दिनांक: ———–

प्रिय मित्र आनंद आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होंगे, 5 सितंबर को मैंने अपना जन्मदिन मनाया। इस जन्मदिन पर मेरे सभी मित्र सम्मिलित हुए। तुम्हारी कमी बहुत महसूस हुई थी। मित्र आनंद मैंने अपना जन्मदिन पूरी तरह से भारतीय पद्धति के अनुसार मनाया। सुबह उठकर मैंने अपने सभी बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। फिर दादा दादी जी के साथ मंदिर गया, दादाजी ने मुझसे दीप प्रज्वलित करवाया था। घर जाकर सबसे पहले सुंदरकांड का पाठ हुआ, उसके बाद यज्ञ हुआ और दोपहर में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया था। मित्र, इस बार मैंने ना तो केक काटा ना ही मोमबत्तियां बुझाई। हवन के उपरांत हम अनाथालय गए, जहां हम ने बच्चों को खाना खिलाया। मुझे इस बार अपना जन्मदिन बना कर बहुत खुशी हुई। मैं चाहता हूं कि तुम भी अपना जन्मदिन पति से अवश्य मना कर देखें, तुम्हें अच्छा लगेगा और अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा प्रिय मित्र

क, ख़,ग।

अनौपचारिक पत्र कक्षा 9 (Informal Letter In Hindi For Class 9)

विषय: बहन की ओर से छोटे भाई को समय का सदुपयोग करने और कठिन परीक्षण करने की प्रेरणा देते हुए पत्र लिखिए।

तनवी गुप्ता गांधी नगर दिल्ली।

दिनांक———

प्रिय दिनेश,

स्नेहिल शुभाशीष। आज ही तुम्हारी कक्षा अध्यापक से दूर भाषा पर बातचीत हुई थी उन्होंने बताया कि आजकल तुम अपना अधिकतर समय पढ़ाई में ना लगा कर अपनी मित्र मंडली के साथ घूमने फिरने में बिता रहे हैं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि तुम जैसे होनार विद्यार्थी ऐसा भी कर सकते हैं। यह बात हम सब के लिए चिंता का विषय बन रही है। प्रिय भैया! इस संसार में समय अनमोल है। वह किसी की प्रतीक्षा नहीं करता, वह तो अपनी गति से चलता रहता है। समय का दुरुपयोग करने वाले बाद में पश्चाताप की अग्नि में जला करते हैं। जरा सोचो पिताजी तुम्हें डॉक्टर बनाना चाहते हैं। वह ना जाने कैसे-कैसे करके तुम्हें इतने महंगे आवासीय विद्यालय में पढ़ा रहे हैं। यदि तुम इसी तरह समय को खोते रहोगे तो 1 दिन समय तुम्हें धूल में मिला देगा। आधा समय का सदुपयोग करो और मन लगाकर पढ़ाई करो। जिसे तुम अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर सको और मम्मी पापा के सपनों को साकार कर सको।

तुम्हारी बड़ी बहन
तन्वी।

अनौपचारिक पत्र कक्षा 10 (Anaupcharik Patra Format Class 10)

विषय: अपने मित्र को पत्र लिखकर अपनी दुर्घटना के विषय में बताइए।

परीक्षाभावन देहरादून

दिनांक—–

प्रिय मित्र दिनेश,
सप्रेम नमस्ते। आशा है कि तुम स्वस्थ होंगे और तुम्हें मेरा पत्र मिला होगा, परंतु मैं समय पर उत्तर ना दे सका क्योंकि मैं पिछले 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती हुआ था। 12 अगस्त की बात है मैं स्कूल से घर आ रहा था , मेरे घर के पास एक ही चौराहा है, जैसे ही मैं पार कर रहा था एक तेज गति से आ रही कार ने मुझे टक्कर मार दी जिसके कारण मेरे पैर में चोट आ गई और मैं बेहोश हो गया था, जब मैं होश में आया था हॉस्पिटल में भर्ती था, मेरा बाया पैर कच्चे हो गया था और प्लास्टर चढ़ा हुआ था सिर और हाथ में भी चोट लगी थी। मैं ईश्वर को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरी जान बचाई। तुम चिंतित मत हो ना अब मैं ठीक हूं और घर आ गया हूं। कभी इधर उधर के कार्यक्रम बने तो अवश्य मिलने आएंगे।

अंकल आंटी जी को मेरा प्रणाम तुम्हारा प्रिय मित्र
अभिनव।

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Other Informal Letter Format In Hindi

विषय: अपने छोटे भाई को खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए पत्र।

छात्रावास

डीएसबी केंपस नैनीताल

उत्तराखंड

प्रिय विजय,

शुभाशीष मेरी कल ही तुम्हारे से पार्टी राजन से भेंट हुई थी मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई तुम मन लगाकर पढ़ाई तो कर रही हो पर साथ ही साथ इस बात का दुख भी हुआ कि तुम खेलकूद में बिल्कुल भी रुचि नहीं लेते हो। प्रिय विजय, जिस प्रकार मस्तिष्क के लिए शिक्षा की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए खेलकूद आवश्यक होता है। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। खेलो के द्वारा सहनशीलता, परस्पर सहयोग, मित्रता आदि गुण स्वयं ही विकसित हो जाते हैं इसलिए तुम्हें पढ़ाई के अतिरिक्त हीरो की ओर भी ध्यान देना चाहिए। क्रिकेट तो तुम्हें बचपन से ही अच्छा लगता है, इसके अतिरिक्त अन्य किसी खेल में रुचि ले सकते हो। आशा करता हूं कि अब तुम शिकायत का मौका नहीं दोगे, और सब कुशल होगा। घर पर सभी तुम्हें याद करते हैं, माता-पिता और भाई की ओर से प्यार और आशीर्वाद।

तुम्हारा बड़ा भाई
राजन।

इस प्रकार के आप अपने प्रिय मित्र और परिवार को Anaupcharik Patra Format में पत्र लिख सकते है।

अनौपचारिक पत्र के प्रकार

अनौपचारिक पत्र कई प्रकार के होते हैं जैसे

  1. शुभकामनाएं पत्र
  2. बधाई पत्र
  3. नामकरण निमंत्रण पत्र
  4. नाराजगी जाहिर करने वाले पत्र
  5. शादी में आमंत्रित करने के लिए पत्र
  6. आज्ञा मानने के लिए पत्र
  7. निवेदन एवं क्षमा मांगने हेतु पत्र।

अनौपचारिक पत्र फॉर्मेट कि जानकारी में

आपने आजकी लेख में Informal Letter Format In Hindi यानि Anopcharik Patra Format In Hindi के बारे में अच्छी तरह जानकारी प्राप्त कर चुके है।

आपको अनौपचारिक पत्र कक्षा 8, 10 या किसी कारण से Informal Letter Writing In Hindi में लिखने कि जरुरत पड़ती है तो ऊपर कि इन फॉर्मेट की मद्दत से लिख सकते है।

आशा करता हु की आपको यह लेख पसंद आई होगी, अगर लेख अच्छी लगी है तो अपने उन मित्रों के साथ इस लेख को साझा करें जो How To Write Informal Letter In Hindi जानना चाहता है।

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