SEO Kya Hai Aur Blogger Ke Liye Kyu Jaruri Hai

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दोस्तों अगर आप ऑनलाइन बिजनेस करने पर विचार कर रहे है या ब्लॉग्गिंग करने की सोच रहे है तो आप SEO word जरुर सुने होंगे, यदि आप SEO की पूरी जानकारी जानना चाहते है तो सही जगह पर है आज seo kya hai aur blogger ke liye kyu jaruri hai पूरी जानकारी देने की कोसिस करेंगे।

ऑनलाइन बिज़नेस या ब्लॉग्गिंग करने की सोच रहे हो तो SEO बिना कुछ नहीं कर सकते हैं। अपने वेबसाइट या ब्लॉग Search Engine अनुकूलन बनाना चाहिए। जितने Search Engine है अपनी साइट को जितना संभव हो सके सर्च इंजन की फर्स्ट पेज पर लाना है, यह आपकी blog की growth strategy का एक हिस्सा।

जब कोई ब्लॉग्गिंग सुरु करता है तो उससे ब्लॉग्गिंग के बारेमे कुछ भी पता नहीं होता यहाँ तक की अपने ब्लॉग कैसे बनाये? ब्लॉग को सर्च में कैसे लाए?, लेकिन जैसे-जैसे वो आगे बढता है वैसे ब्लॉग्गिंग के बारेमे सीखता जाता है।

एक ब्लॉग या ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने से लेकर उसको सफल बनाने तक बहुत सारे बाते आपको ध्यान में रखना होगा।

seo kya hai aur blogger ke liye kyu jaruri hai

उन में से एक है SEO, इसके बिना आप ऑनलाइन कोई भी बिज़नेस को सफल नहीं बना सकते है। ब्लॉग शुरू करके और ब्लॉग की बेसिक जानकारी जानने के बाद आपको SEO के बारेमे अच्छे से जानना होगा, SEO Factors को समझना होगा, तब जाकर के आप ब्लॉग्गिंग में सफल होंगे।

SEO की techniques अच्छे से समझना से अपने ब्लॉग को गूगल या दुसरे सर्च इंजन में रैंक करा सकते हो और ब्लॉग पे ट्रैफिक ला सकते है। ब्लॉग पर अच्छी ट्रैफिक होने से आपको ब्लॉग पर काम करने का मन करेगा, नहीं तभी ब्लॉग पर अच्छी ट्रैफिक ना होने से आप तभी ब्लॉग्गिंग से क्विट कर दोगे। बहुत लोग ब्लॉग्गिंग शुरू तो करते है पर सुरुवात में रिजल्ट ना मिलने के कारन ब्लॉग्गिंग को क्विट कर देते है।

ब्लॉग्गिंग में अपना करियर बनाना कहते है तो ब्लॉग्गिंग से रिलेटेड सभी जानकरी आपको जानना होगा और टाइम देना होगा। अगर आपने अपना ब्लॉग बना चुके है और आपको अभी तक Google Adsense Approval नहीं मिला है तो आप AdSense Approval Trick In Hindi 2021 – 2022

के बारे में पढ़ सकते है। इस लेक में आपको Google Adsense Approve Kaise Kare पूरी जानकारी दिया गया है जो Google AdSense Apply करने से पहले एक बार जरुर पढ़ना चाहिए।

तो चलिए जानते है की SEO Kya Hai? और हमारे लिए SEO क्यों जरुरी है?

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SEO Ka Full Form: Search Engine Optimization होता है।

Google दुनिया की सबसे बड़ी search engine में से एक है उसके बाद, bing, yahoo आते है। इन सभी सर्च इंजन में अपने ब्लॉग को फर्स्ट पेज पर देखाना चाहते है तो SEO की मद्दत लेना होगा।

SEO simple meaning यही होता ही की blog ki ranking increase कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

गूगल पर जाकर कोई  Keyword को सर्च करते है तो उससे बहुत सारे रिजल्ट दिखाता है, लेकिन 1st rank or top 10th rank  में जिसका रिजल्ट दिखाई देगा विजिटर उस्सी पे विजिट करेगा क्योंकि उस ब्लॉगर ने अपने ब्लॉग का SEO अच्छे से की है।

SEO Kya Hai जान्ने के बाद अब जानते है ब्लॉग के लिए SEO क्यों जरुरी है।

SEO Kya Hai Aur Blogger Ke Liye Kyu Jaruri Hai

जब भी कोई पोस्ट लिखते है तो हम यही चाहते है की वह पोस्ट search में आए, विजिटर हमारे पोस्ट पढ़े।

इन्टरनेट पर जितने ब्लॉगर है उसका यही मकसद होता है हम जो भी लिखे उसको ज्यादा से ज्यादा लोग तक पहुचे और पढ़े लेकिन यह तभी संभव है जब आप उस पोस्ट के लिए अच्छे से SEO करेंगे। 

एक दिन में गूगल पर लाखो से ज्यादा पोस्ट पब्लिश होते है, टॉप 10th पर उसक पोस्ट को देखाने के लिए पोस्ट की सिएओ स्कोर अच्छी होनी चाहिए। 

ब्लॉग पोस्ट को सर्च में लेन के लिए Post SEO Friendly

होनी चाहिए। अपने पोस्ट को SEO Friendly कैसे बनाएं? जान सकते है, SEO friendly बनाने के लिए कुछ पॉइंट ध्यान रखनी चाहिए Heading, paragraph, URL, Meta Tags और keyword highlight होना चाहिए।

ब्लॉग पर जितने image है उन सभी को Image Ko SEO Friendly कैसे बनाए जाने।

Search engine क्या है?

पोस्ट को रैंक करने के लिए Search engine क्या है? जान्ना होगा। Search engine एक algorithm है जो इन्टरनेट पर डाटा उपलब्ध डाटा यूजर के सामने लाने का काम करता है। User search engine पर कुछ search करता है तो उसको accurate information provide करता है।

कौन सी पोस्ट सही है वह सर्च इंजन की algorithm पता करती है और पोस्ट को indexing, करके ranking position देती है।

Search engine पर सर्च करके जो लिस्ट show होती है उससे SERP कहते है। SERP means Search Engine Result page.

Let’s for example:

Google पर apple Search किया!

Apple से related internet पर जितने information index हुयी होगी वह सब रिजल्ट में show होगा। लेकिन जिसने पोस्ट को अच्छे से seo किया होगा उसका 1st पेज पर दिखेगा।

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Types of SEO (Search Engine Optimization)

SEO का do factor है:

1. On Page SEO

2. Off Page SEO

3. Technical SEO

दोनों SEo Factors को अच्छे से समझते है।

#On Page SEO

On page seo हमारे वेबसाइट के लिए ज्यादा जरुरी होता है और traffic increase करता है। ब्लॉगर के लिए ट्रैफिक कितना important है वह आपसे अच्छा कोई नहीं जान सकता।

On page SEO करने के लिए वेबसाइट की हर सेटिंग अच्छी होनी चाहिए, website design, Favicon, Title Tag, Meta Tag Description, URL, Heading (H1, H2) and Paragraph, Internal links and Outbound Linking, Keyword, LSI Keyword, Keyword Density, Quality Content, SEO में आते है जो आपको खुद से करना होगा।

#1: Blog/website design

यदि आपका पृष्ठ मोबाइल के अनुकूल है तो यह ऑन-पेज एसईओ और प्रासंगिकता में सुधार करेगा और SERPs में उच्च रैंक करने में आपकी मदद करेगा, क्योंकि अधिकांश खोज मोबाइल उपकरणों पर होती हैं।

Blog को डिजाईन करे

#2: Favicon

एक फ़ेविकॉन, जिसे एक शॉर्टकट आइकन, वेबसाइट आइकन, टैब आइकन, URL आइकन या बुकमार्क आइकन के रूप में भी जाना जाता है, एक फ़ाइल है जिसमें एक या अधिक छोटे आइकन होते हैं, जो किसी विशेष वेबसाइट या वेब पेज से जुड़े होते हैं।

#3: Keyword Research

Keyword Research इस On-Page SEO का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि आप अपने ब्लॉग पर एक High-Quality पोस्ट लिखते हैं, लेकिन अच्छे से Keyword Research नहीं करते हैं, तो आपके Post Search engine में रैंक नहीं करेंगे। कुछ Keyword Research tools है जिसकी मद्दत से आप Keyword Research कर सकते है:

#Free

1. Keyword planner

2. Ubersuggest

3. Google Suggestion

#Paid

1. SEMrush

2. Ahrefs

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#4: Title Tag, Meta Description and URL

खोज इंजन आपके पृष्ठ के “शीर्षक” के रूप में इस पाठ को देखते हैं, यह आपके ब्राउज़र के शीर्ष पर रहता है और मेटा विवरण टैग वह जगह है जहां साइट का सारांश है। जब भी वह पृष्ठ खोज इंजन परिणामों में प्रकट होता है, मेटा शीर्षक और विवरण आमतौर पर दिखाए जाते हैं।

मेटा टैग आपके साइट के वेबपेज और आपके कीवर्ड क्षेत्र के बारे में एक संक्षिप्त विचार देता है। ये अदृश्य टैग हैं जो आपके पेज के बारे में खोज इंजन और वेबसाइट आगंतुकों को जानकारी प्रदान करते हैं। वे खोज इंजनों को एक पृष्ठ पर सामग्री को समझने में मदद करते हैं।

खोज इंजन सहित, आपके प्रत्येक पृष्ठ के लिए अनुकूल URL अत्यधिक अनुशंसित हैं, क्योंकि ये बेहतर क्रॉलिंग लाते हैं। खोज इंजन परिणामों में कम URL बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

#5: Heading (H1, H2) and Paragraph

हेडिंग टैग्स को SEO रैंकिंग से अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। पोस्ट शीर्षक H1 Tag कहा जाता है। ये Heading Tag H1, H2 से H6 तक हैं। लेख में अच्छी तरह से हेडिंग टैग में H2, H3 और H4 का उपयोग करने से खोज इंजन रैंकिंग में सुधार हो सकता है।

अपने लेख लिखते समय, आपको अपनी सामग्री को छोटे खंडों और अनुच्छेदों में तोड़ देना चाहिए ताकि लोगों को पढ़ने में आसानी हो। इन सेक्शन को हेडिंग दी जा सकती है, जहाँ H1, H2, H3, H4, आदि टैग्स का उपयोग किया जाता है।

#6: Quality Content

“Content is king” आप की जाँच करें वेबसाइट में अच्छी गुणवत्ता की सामग्री है। सामग्री अद्वितीय होनी चाहिए।

आपके लेख पढ़ने में जितने अधिक उपयोगी और मजेदार हैं, दूसरों के लिए अपने लेखों को ढूंढना और अपने दम पर आपको बैकलिंक्स देना उतना ही आसान होगा।

सफल ब्लॉगर्स अपने पाठकों के लिए समाधान प्रदान करना पसंद करते हैं और कभी-कभी यह अपनी सामग्री के माध्यम से नहीं हो सकता है, लेकिन किसी अन्य वेबसाइट से सामग्री के माध्यम से हो सकता है।

कभी-कभी मैं उन लेखों से लिंक करता हूं जो मुझे बस पसंद हैं क्योंकि मुझे पता है कि मेरे पाठकों को इससे लाभ होगा। आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपका हर एक लेख साझा करने लायक हो।

#7: Image Optimize

अपनी वेबसाइट पर छवियों को अनुकूलित करने से उपयोगकर्ता के अनुभव के साथ-साथ एसईओ को भी लाभ होता है। उपयोगकर्ता अनुभव Google द्वारा सीधे मापा गया एक कारक है, इसलिए यह स्वचालित रूप से यह बताता है कि आप कितनी उच्च रैंक करते हैं।

मल्टीमीडिया का उपयोग करना आपके पेज को उपयोगकर्ता के लिए अधिक आकर्षक बनाने और विविध तरीकों से विभिन्न अवधारणाओं को समझाकर और अधिक उपयोगी और समझने योग्य बनाने के लिए एक अच्छा तरीका है।

#8: Internal links and Outbound Linking

अन्य लेखों से प्रासंगिकता जोड़ने के लिए कीवर्ड संबंधित आंतरिक लिंक का उपयोग करें जो आपके पाठकों के लिए सामग्री का बैकअप लें और Google को महत्व दिखाएं। आंतरिक लिंक का उपयोग करने का मूल उद्देश्य पाठकों को ब्लॉग पोस्ट पर अधिक समय बिताना और बाउंस दर को कम करना है। यदि ब्लॉग पोस्ट की बाउंस दर अधिक है, तो Google पर रैंक करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

बाहरी लिंक Google पर उच्च रैंक करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, बाहरी लिंकिंग प्रक्रियाओं में हम प्रसिद्ध वेबसाइट से अनुरोध करते हैं कि वे अपनी वेबसाइट पर अपने ब्लॉग पोस्ट लिंक का उपयोग करें ताकि यह निश्चित रूप से आपकी वेबसाइट रैंकिंग में वृद्धि करेगा। सुनिश्चित करें कि आप अपने और अपने पाठक दोनों के साथ-साथ खोज इंजन के बीच विश्वास बनाने के लिए बाहरी लिंक का उपयोग करते हैं।

#9: LSI Keyword

LSI कीवर्ड्स ऐसे शब्द और वाक्यांश हैं जो खोज इंजन का उपयोग यह समझने के लिए करते हैं कि आपकी सामग्री क्या है और क्या यह किसी विशिष्ट प्रश्न का उत्तर देने में सहायक है। सामान्यतया, LSI कीवर्ड आपके लक्ष्य कीवर्ड से निकट से संबंधित शब्द हैं।

#10: Keyword Density

Keyword Density वेबपेज पर किसी कीवर्ड या वाक्यांश के समय का प्रतिशत होता है। प्रत्येक कीवर्ड 2% -5% होना चाहिए। प्रत्येक पेज Keyword Density 5% -20% होना चाहिए।

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#Off page SEO

On page SEO में सिर्फ ब्लॉग या वेबसाइट पर होता है मगर off Page SEO में ब्लॉग से बाहर का काम होता है।

Post को share करना off page seo में आता है, post share करते ही search engine को पता चल जाता है की post कितने valuable है।

Off page SEO बहुत तरीके से कर सकते है: Social sharing, Directory Submission, Sitemap Submission, Question and answer और Guest post.

#1: Social Bookmarking

सामाजिक बुकमार्क करना उतना लोकप्रिय नहीं है जितना कि यह अतीत में हुआ करता था लेकिन यह अभी भी आपकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक प्राप्त करने का एक अच्छा तरीका है। इन सभी सोशल मीडिया पर बुकमार्किंग कर सकते है:

  • Pinterest.
  • StumbleUpon.
  • Dribble.
  • Pocket.
  • Digg.
  • Reddit.

इन सभी वेबसाइट पर पेज बना करके अपनी सामग्री को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम सामग्री प्रकाशित कर सकते हैं।

#2: Backlinks

Backlink बिल्डिंग सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों का उपयोग ऑफ पेज SEO में होता है।

Backlink का मतलब होता है अन्य वेबसाइट को अपनी वेबसाइट से लिंक करना। दूसरे शब्दों में backlink एक हाइपरलिंक है जो एक वेब पेज से लिंक होता है, आपके अपने वेब पेज या वेब साइट पर वापस आता है। भारत में SEO Services प्रदान करने वाली कई कंपनी हैं।

#3: Sitemap Submission

अगला, आपको साइटमैप की जांच करने की आवश्यकता है – क्या यह बिल्कुल सही है, क्या यह वैध है, क्या यह अपडेट किया गया है और इसमें शामिल सभी आवश्यक पृष्ठ हैं।

Sitemap Kaise Bnaye step by step जाने।

#2: Directory Submission

ऑफ पेज SEO आपको अपनी वेबसाइट को इंटरनेट पर अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करता है। अधिक दृश्यता प्राप्त करने के लिए, निर्देशिकाओं और मंचों पर अपना सामान जमा करें। यहां वे साइट हैं जहां आप अधिक दृश्यता बढ़ाने के लिए अपने ब्लॉग की सामग्री सबमिट कर सकते हैं।

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#4: Blog Commenting

टिप्पणियां पोस्ट करना आपकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक उत्पन्न करने का अच्छा तरीका है। कुछ साइटें उन टिप्पणियों का पालन करने की भी अनुमति देती हैं जो आपकी साइट को कुछ अच्छी गुणवत्ता वाले बैकलिंक प्रदान कर सकती हैं। यह ऑफ पेज माध्यम से आपकी साइट को बढ़ावा देगा।

#5: Question and answer

कुछ प्रश्न और उत्तर देने वाली वेबसाइट का पता लगाने की कोशिश करें, जिसमें आपकी वेबसाइट से संबंधित कुछ विषय हों। आपकी वेबसाइट की सामग्री और पोस्ट से संबंधित प्रश्न और उत्तर पोस्ट करें।

#6: Guest post 

इसमें कोई संदेह नहीं है, अतिथि ब्लॉगिंग आपको अभी तक लेता है और महान लिंक प्राप्त करने में बहुत मदद करता है। यहां एकमात्र चुनौतीपूर्ण कार्य है, आपको विषय के बारे में बहुत अधिक शोध करने की आवश्यकता है। उसके बाद, आपको अपने आला में शीर्ष ब्लॉगों का पता लगाने और अपनी पिच जमा करने की आवश्यकता है। यदि वे स्वीकार करते हैं और हाँ आपका लेख प्रकाशित हो जाता है।

#Technical SEO

इसका उपयोग आपकी वेबसाइट को क्रॉलिंग और अनुक्रमण के लिए अनुकूलित करने के लिए किया जाता है। इसके द्वारा आप Google को बता सकते हैं कि आपकी वेबसाइट क्या है और वह कारक Google पर आपकी रैंकिंग को बढ़ाएगा।

#1: Loading Speed

खोज इंजन वेबसाइट और वेब पर हर समय क्रॉल कर रहा है। इससे सर्च इंजन वेबसाइट की लोडिंग स्पीड को चेक करता रहता है और सर्च रिजल्ट में रैंकिंग से पहले वेबसाइट की लोडिंग स्पीड भी देखी जाती है।

फास्ट लोडिंग स्पीड वाले पोस्ट सर्च इंजन में जल्दी रैंक हो जाते हैं। लोडिंग स्पीड के कारण उछाल दर भी कम है। यदि आपकी साइट वर्डप्रेस पर बनाई गई है, तो आप Wp रॉकेट जैसे प्लगइन्स का उपयोग करके वेबसाइट की गति को अनुकूलित कर सकते हैं।

#2: Blog Security

HTTP, SEO में रैंकिंग कारक है। इसलिए यदि आपकी वेबसाइट में https का अर्थ है, तो Google खोज परिणामों में रैंकिंग को प्राथमिकता देगा।

#3: Check Crawling aur Indexing

पहली चीज़ों में से एक क्रॉल रिपोर्ट (उदाहरण के लिए मैंने Jetoctopus क्रॉलर का उपयोग किया है) को आपकी साइट के लिए चलाया जाता है। एक क्रॉल रिपोर्ट, या साइट ऑडिट, आपकी साइट की कुछ त्रुटियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी।

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Types Of SEO Techniques

1. Black Hat SEO

ब्लैक हैट एसईओ एक प्राकृतिक एसईओ तकनीक है जो खोज इंजन सिफारिशों का अनुपालन नहीं करती है और इसे खोज इंजन द्वारा दंडित किया जा सकता है। कुछ प्रथाएं अवैध भी हो सकती हैं और इसलिए कानून द्वारा दंडनीय है। रेफ़र करने वाले के लिए लक्ष्य यह है कि वह अपने आप को रणनीतिक कीवर्ड के पहले SERPs (खोज इंजन के परिणामों के पृष्ठ) पर स्थित कर ले।

यह एक अल्पकालिक रणनीति है, एक साइट जो खोज इंजन के निर्देशों का सम्मान नहीं करती है वह अपने आप को उन प्रश्नों पर एक स्थिर और टिकाऊ स्थिति में नहीं ला सकती है जो उसकी रुचि रखते हैं। आइए नियमित रूप से वेबसाइट विज़िट को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ काली टोपी एसईओ तकनीकों का जायजा लें

1. Keyword stuffing: यदि लेख में अनावश्यक कीवर्ड जोड़ने को ब्लैक हैट एसईओ माना जाता है।

2. Buying links: डोमेन प्राधिकरण को बनाए रखने के लिए, वेबसाइटों के मालिक उच्च अधिकार डोमेन का भुगतान अपनी साइटों से लिंक करने के लिए करते हैं।

3. Spam comments: मूर्खतापूर्ण टिप्पणी के साथ अन्य वेबसाइटों के टिप्पणी अनुभागों में अपनी साइट के लिए बिल्डिंग लिंक। 

4. Low-quality guest posting: पाठकों को मूल्य प्रदान किए बिना, केवल अपनी साइटों से लिंक करने के लिए किसी अन्य साइट पर एक अतिथि पोस्ट लिखना।

5. False headlines: अनाम पृष्ठ या सामग्री के टुकड़े पर एक आकर्षित करने वाली शीर्षक और पुनर्निर्देशित आगंतुकों के साथ baiting पर क्लिक करें।

6. Hidden text and links: एसईओ के इरादे से आगंतुकों के लिए कुछ निश्चित लिंक या टेक्स्ट बनाना।

7. Article spinning: एक अनोखे तरीके से उपकरणों का उपयोग करके मौजूदा लेख को फिर से बनाएँ।

8. Scraping: किसी अन्य साइट की सामग्री को चुराना और अपनी साइट पर कुछ ट्रैफ़िक प्राप्त करने के लिए इसका उपयोग करना।

2. White Hat SEO

“व्हाइट हैट एसईओ” शब्द एसईओ युक्तियों को संदर्भित करता है जो Google सहित प्रमुख खोज इंजनों के नियमों और शर्तों के अनुरूप हैं।

White Hat SEO, Black Hat SEO के विपरीत है। आमतौर पर, सफेद टोपी एसईओ किसी भी अभ्यास को संदर्भित करता है जो आपकी वेबसाइट की अखंडता बनाए रखने और खोज इंजन की सेवा की शर्तों के भीतर रहते हुए खोज इंजन परिणाम पृष्ठ (SERP) पर आपकी खोज रैंकिंग में सुधार करता है। ये रणनीति Google द्वारा परिभाषित सीमा के भीतर रहती हैं। सफेद टोपी एसईओ के उदाहरणों में शामिल हैं:

  • गुणवत्ता की सामग्री और सेवाओं की पेशकश
  • फास्ट साइट लोडिंग समय और मोबाइल-मित्रता
  • वर्णनात्मक, कीवर्ड-समृद्ध मेटा टैग का उपयोग करना
  • अपनी साइट को नेविगेट करना आसान बना रहा है

White Hat SEO and Black Hat SEO में क्या फरक है।

White hat SEO Techniques:

1. Prioritize Quality Content.

2. Satisfy The User Intent.

3. Focusing on Mobile First.

4. Claim Your Local Business Listing.

5. Make User Experience (UX) a Priority.

6. Excellent Keyword Research.

7. Focus on Content Marketing.

8. Utilize Schema Markup.

9. Quality Link Building.

SEO Related Important Terms

SEO को अच्छे से समझने के लिए उन से रिलेटेड basic terms की जानकारी होनी चाहिए। अगर उन सभी basic terms को अच्छे से जान लेते है तो ब्लॉग को SEO करने में आसान हो जायेगा वैसे सभी terms को step-by-step explain निचे की है।

Title Tag: Title tag web page की title होती है और बहुत महत्वपूर्ण factor में से एक है search engine के लिए।

Meta Tag: Meta tag की मद्दत से search engine को पता चलता है की वह पोस्ट किस टॉपिक से रिलेटेड है।

Backlink: Backlink site की ranking के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। Internet पर road बोले तो Backlink है, एक site से दुसरे site पर जाने के लिए।.

Backlink कई तरीके से बना सकते है Guest post करके, Comment करके, Directories Submission करके.

SERP: SERP means search engine result page. Search engine किन post कितनी valuable है उस अनुसार show होती है।

Search Algorithm:

Keyword: अगर आपको keyword क्या है पता नहीं है तो समझने की कोसिस करते है। keyword एक word है जिसका यूज़ करके सर्च करते है।

Let’s for example:

Google पर search किया SEO kya hai? यह एक keyword है और इससे रिलेटेड जितने article internet पर index होगा वह SERP में show होगा।

Keyword Density: Keyword Density वेबपेज पर किसी कीवर्ड या वाक्यांश के समय का प्रतिशत होता है। प्रत्येक कीवर्ड 2% -5% होना चाहिए। प्रत्येक पेज कीवर्ड घनत्व 5% -20% होना चाहिए।

Keyword Stuffing: पृष्ठ पर अधिक कीवर्ड होना एक ब्लैक-हैट प्रैक्टिस है जो आपकी वेबसाइट को दंडित कर सकता है, इसलिए प्रति पृष्ठ कम से कम 2-5% कीवर्ड का अनुपात बनाए रखें, इससे अधिक नहीं और उसी कीवर्ड को बार-बार न दोहराएं, इसके बजाय कीवर्ड का उपयोग करें वाक्यांश।

Robots.txt: Robots.txt एक file होती है, bots को बताती है उस particular website के बारेमे।

Page rank: खासकर google इसका इस्तेमाल करते है। Internet पर कोन-कोन important page है जानने के लिए।

Organic Result: Organic Result परिणाम खोज इंजनों पर सूचीबद्ध होते हैं, जो खोज शब्दों की प्रासंगिकता के कारण प्रकट होते हैं, जैसा कि उनके विज्ञापनों के विपरीत है। इसके विपरीत, गैर-जैविक खोज परिणाम में प्रति क्लिक विज्ञापन में भुगतान शामिल है।

Inorganic Result: अकार्बनिक या गैर-कार्बनिक एसईओ। इसके विपरीत Inorganic SEO में प्राकृतिक प्लेसमेंट शामिल नहीं हैं, बल्कि यह एक भुगतान सेवा को संदर्भित करता है जो बहुत कम समय में परिणाम प्रदान करता है। Inorganic SEO के माध्यम से, आपको तत्काल परिणाम मिलता है क्योंकि यह भुगतान की गई सेवा है।

SEO की पूरी जानकारी में

तो, आपने SEO Kya Hai Aur Blogger Ke Liye Kyu Jaruri Hai पूरी जानकारी जान चुके है, खोज इंजन अनुकूलन एक दीर्घकालिक विधि है। हालांकि खोज इंजन विपणन त्वरित परिणाम दे सकता है और इसके लिए कितने उद्यम मालिकों की आवश्यकता होती है, इसका प्रभाव विस्तारित समय तक रहता है।

एसईओ वह प्रक्रिया है जो संगठनों को यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि उनकी साइट प्रासंगिक कीवर्ड और वाक्यांशों के लिए खोज इंजन में उच्च स्थान पर है।

अपनी सामग्री को सही लोगों के सामने लाने के लिए, आप अपनी इस ब्लॉग पोस्ट को अनुकूलित करने का प्रयास करना चाहते हैं ताकि यह किसी के लिए एक शीर्ष परिणाम के रूप में दिखाई दे जो वाक्यांश “एक बर्डहाउस का निर्माण” खोजता है।

आपके व्यवसाय के लिए एसईओ के कई लाभ हैं। अपने एसईओ में सुधार करके, आप खोज इंजन पर अपनी दृश्यता का विस्तार करने के लिए काम कर सकते हैं। यह आपको अधिक संभावित ग्राहकों तक पहुंचने और संलग्न करने में मदद करता है। अधिक आकर्षक और प्रभावी एसईओ-केंद्रित सामग्री बनाकर, आप अधिक लक्षित कार्बनिक ट्रैफ़िक में लाने के अपने अवसरों को बढ़ा सकते हैं।

आज आपने seo kya hai in hindi में समझ गए होगे, अगर इससे रिलेटेड कोई भी problem है तो comment कर के पुच सकते है ताकि हम आपको जानकारी देने में चुक की वह सुधार सकू।

SEO की पूरी जानकारी पढ कर अच्छा लगा हैं तो अपने दोस्तों के साथ share जरुर करे। Knowledge देने से कम नहीं होता बढ़ता है और हो सके हमारे शेयर करने से किसी का फायदा हो।

अगर आपके पास एक वेबसाइट या ब्लॉग है तो वेबसाइट से पैसे कैसे कमाए?

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